- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
पत्र में लिखेंगे चाइना के पटाखे ना खरीदें, ना बेचें
शहर में दीपावली के दौरान बिकने वाले चाइनीज पटाखों का बहिष्कार करने के लिए नजरअली खेरची पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने अनूठी पहल की है। एसोसिएशन द्वारा शहरभर के पटाखा व्यापारियों को पत्र भेजकर चाइनीज पटाखे नहीं खरीदने और ना ही बेचने का अनुरोध किया जाएगा।
इसकी पहली मुख्य वजह है चीन को पाकिस्तान का खुला समर्थन और भारत का विरोध। वहीं दूसरी वजह चाइनीज आतिशबाजी के चलते देश का पटाखा उद्योग बर्बाद हो रहा है। इसी के तहत यह फैसला लिया गया है। शहरभर में दीपावली के दौरान २५० से अधिक पटाखा दुकानें लगती हैं। इस दौरान करीब ७५ लाख रुपए का कारोबार होता है जिसमें से १० लाख रुपए के चाइनीज पटाखे बिकते हैं। शहर में १० से १२ दुकानें थोक की हैं लेकिन यहां खेरची माल बेचा जाता है।
राष्ट्रहित सर्वोपरिइसमें समझौता नहीं
सभी पटाखा व्यापारियों को पत्र भेजने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा की जा रही है। पत्र में व्यापारियों से अनुरोध किया जाएगा कि वे ना तो चाइना के पटाखें खरीदें और ना ही बेचें क्योंकि यह राष्ट्रहित का मामला है।
इसमें कोई समझौता नहीं होगा। चीन जिस तरह से भारत का विरोध कर रहा है हमें उसके उत्पादों का पुरजोर बहिष्कार करना चाहिए। इसके अलावा जिला प्रशासन चाइना के पटाखे बेचने वाले व्यापारियों के गोदामों पर छापे मारे और चाइनीज पटाखे जब्त करे जिससे यह मार्केट में न आएं।